बांदा न्यूज:- एक माता पिता की करूण पुकार उन्ही की जुबानी
आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट
बांदा। जनपद बांदा बुंदेलखंड का सबसे पिछड़ा जनपद माना गया है जंहा पाठा के बाद दूसरा नंबर आता था है यहां हत्यारों डकैतों माफियाओं की हुकूमत रही फिर सरकार चाहे जिसकी रही हो हमेशा इनका बोलबाला रहा सरकारें बदली साथ इन अपराधियों के चेहरे।इसी कड़ी में हम आपको ले चलते हैं तहसील व कोतवाली नरैनी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नेढुवा जंहा के निवासी शिवकुमार पांडे के पुत्र कुलदीप उर्फ राजन पांडे की जिसकी गांव के ही रामनरेश भरभूंजा उर्फ रज्जू पुत्र कल्लू ने अपने साथियों संग गोली मारकर दिन
दहाड़े हत्या कर दी। घटना के समय समाजवादी पार्टी की सरकार थी।
मामला इतना गर्म हुआ की गांव में पीएसी तैनात करनी पड़ी पर मुख्य अभियुक्त को नहीं पकड़ सके। मुअस 71/2013धारा 302/34आईपीसी में मामला दर्ज जिसमें हाईकोर्ट इलाहाबाद(प्रयागराज) कोर्ट नं 55 की डबल बेंच के माननीय न्यायाधीशों ने पिटीशन नं 21771मे तत्कालीन एसपी को निर्देश दिए थे कि पर्याप्त इन्वीटेगेशन करें जांच में, अनावश्यक लेट न करें। जिसके बाद अभियुक्तों की घरों की कुर्की हुई जिसमें भी घर से 315बोर की अबैध राइफल बरामद हुई और अभियुक्त की मां कमला पत्नी कल्लू के बिरूध्द धारा 3/25आर्मस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर चलान हुआ इस घटना में शामिल कुछ लोग जमानत पर बाहर आ गये किन्तु मुख्य अभियुक्त पकड़ से बाहर रहा है जिसकी गिरफ्तारी हेतु पहले 1500रूपये का इनाम घोषित हुआ जो बढ़कर 5000रूपये तक पहुंच गया किन्तु पुलिस उसे सपा शासन काल से लेकर भाजपा के शासन काल तक में उसकी परछाई को भी नहीं छू पाई। और हत्यारे द्वारा लगातार म्रतक के माता-पिता को धमकी सैकड़ों किलोमीटर दूर अहमदाबाद में बैठे जारी किए हुए हैं।म्रतक की मां ने रोते हुए बताया कि पांच पुत्रियों के बीच इकलौता पुत्र था अब बुढ़ापे का सहारा य तो ईश्वर है या यह पुत्री जिनकी साथी हो चुकी है। जिनके कंधों पर अपने ससुराल पक्ष का बोझ है म्रतक की छोटी बहन दीपिका ने कहा कि रक्षा बंधन के दिन जब पड़ोस की सभी बहनें अपने भाइयों को राखी बांधती है उस दिन हम मन मशोस कर रह जाती है और ईश्वर से प्रार्थना करती है जिसने हमें यह दिखाए उसे मौत आ जाए या पुलिस उसे गिरफ्तार कर फांसी पर लटका दें हम उसे फांसी पर लटका हुआ देखना चाहते हैं ऐसी ही मांग उसके माता-पिता ने भी की है।पर यह कैसे संभव होगा जब सात साल बीत जाने के बाद भी पुलिस मुख्य अभियुक्त को पकड़ना तो दूर उसकी सुराकसी तक नहीं लगा सकी उल्टा म्रतक का पिता अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर अधिकारियों के चौखटों के चक्कर लगाते लगाते थक कर चूर जरूर हो गया है।
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