Advertisement

शामली में लैंड स्कैम का बड़ा खुलासा: 30 लोगों का संगठित गिरोह, 7 गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी का नेटवर्क बेनकाब

शामली (उत्तर प्रदेश) जिले में जमीन की बढ़ती कीमतों और हाईवे प्रोजेक्ट्स की आड़ में चल रहे एक बड़े लैंड स्कैम का पर्दाफाश हुआ है। शामली पुलिस ने करीब 30 लोगों के संगठित गिरोह में शामिल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर एक ऐसे नेटवर्क को उजागर किया है, जो फर्जी कागजात और मास्टर प्लान के जरिए निवेशकों से लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठ रहा था।

महंगी जमीन सस्ती बताकर फंसाते थे निवेशक

गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। प्राइम लोकेशन की जमीन को बाजार भाव से कम कीमत में दिलाने का झांसा देकर बाहर के निवेशकों को फंसाया जाता था। मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर उनसे बड़ी रकम इन्वेस्ट करवाई जाती और फिर फर्जी दस्तावेजों के सहारे रकम हड़प ली जाती।

फर्जी खसरा-खतौनी से उड़ाए 20 लाख रुपये

उत्तराखंड निवासी आदित्य कुमार की शिकायत पर आदर्शमंडी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने कूट रचित खसरा-खतौनी तैयार कर उससे करीब 20 लाख रुपये ठग लिए। जांच आगे बढ़ी तो पूरा खेल सामने आ गया—यह कोई अकेली वारदात नहीं, बल्कि सुनियोजित गैंग का काम था।

मास्टरमाइंड और ठगी का पूरा प्लान

पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग का मास्टरमाइंड निखिल (मुजफ्फरनगर निवासी) है, जो हाल ही में थाना आदर्शमंडी क्षेत्र के मोहल्ला रेलपार में रह रहा था। गिरोह पहले जमीन मालिक को अपने जाल में लेता, फिर निवेशक ढूंढता। भरोसा जीतने के लिए खुद भी पैसे लगाने का नाटक किया जाता।
इसके बाद एक डमी सेठ को आगे कर जमीन दिखाई जाती, सौदा तय कराया जाता और ऐन वक्त पर डील कैंसिल कर दी जाती। नतीजा—निवेशक का पैसा डूब जाता और उसे यह कहकर चुप करा दिया जाता कि “हमारा भी पैसा तुम्हारे साथ डूब गया।”

बरामदगी और गिरफ्तारी

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 7 लाख रुपये नकद, 2 लग्जरी कारें, फर्जी जमीन के दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि यह गैंग शामली के अलावा अन्य जिलों और राज्यों में भी इसी तरह की ठगी कर चुका है।

शामली को क्यों बनाया ठगी का केंद्र

एसपी शामली नागेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, शामली से पांच हाईवे गुजरते हैं, जिससे जमीन के रेट तेजी से बढ़े हैं। इसी वजह से गैंग ने जिले को ठगी का केंद्र बनाया और बाहर के निवेशकों को यहां बुलाकर निशाना बनाया।

“सैंकड़ों अक्लमंद मिलते हैं,
काम के लोग चंद मिलते हैं,
जब मुसीबत आती है,
तब पुलिस के अलावा,
सबके दरवाजे बंद मिलते हैं।”

यह कार्रवाई न सिर्फ ठगों के लिए सख्त संदेश है, बल्कि आम लोगों के लिए भी चेतावनी—जमीन में निवेश से पहले दस्तावेजों की गहन जांच और सरकारी सत्यापन बेहद जरूरी है।


पुलिस विभाग को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका “सलाम खाकी” के लिए
शामली, उत्तर प्रदेश से पत्रकार शौकीन सिद्दीकी की खास रिपोर्ट

#SalamKhaki
📞 8010884848
🌐 www.salamkhaki.com
📧 salamkhaki@gmail.com

यातायात नियमों को लेकर राष्ट्रीय सदन इंटर कॉलेज में छात्रों को किया गया जागरूक

झिंझाना। स्थानीय पुलिस द्वारा आरएसएस इंटर कॉलेज में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार 

पुलिसकर्मियों ने छात्रों को बताया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना तथा चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग करना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। 

इसके साथ ही उन्होंने तेज गति तथा गलत दिशा में वाहन चलाने और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी भी दी। छात्रों को ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग, रोड साइन और पैदल चलने के नियमों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। इस अवसर पर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार ने कहा कि यातायात नियम केवल कानून नहीं, बल्कि हमारी और दूसरों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

 उन्होंने कहा कि आज के छात्र ही कल के जिम्मेदार नागरिक हैं, इसलिए छोटी उम्र से ही यातायात अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी यातायात से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस टीम ने सरल भाषा में उत्तर दिया।

 जागरूकता कार्यक्रम से छात्रों में उत्साह देखा गया और उन्होंने नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षकगण व पुलिस कर्मी उपस्थित रहे।

🚨 शामली में इतिहास रचा गया: पहली बार महिला इंस्पेक्टर को मिली यातायात की कमान

शामली | उत्तर प्रदेश, शामली जनपद के पुलिस प्रशासन में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक फैसला सामने आया है। जनपद में पहली बार यातायात व्यवस्था की ज़िम्मेदारी एक महिला पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है।

महिला इंस्पेक्टर को शामली का यातायात प्रभारी नियुक्त किया गया है।

यह नियुक्ति न सिर्फ़ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत क़दम है, बल्कि यह भी साबित करती है कि पुलिस विभाग अब नेतृत्व के हर मोर्चे पर महिलाओं पर भरोसा जता रहा है।

🛑 शामली ज़ोन में पहली बार महिला को यातायात की कमान

जानकारी के अनुसार, निधि चौधरी शामली ज़ोन की पहली महिला इंस्पेक्टर हैं जिन्हें यातायात विभाग की ज़िम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे शामली महिला थाना प्रभारी के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुकी हैं और अपने कार्यकाल में अनुशासन, संवेदनशीलता और सख़्ती का संतुलन बनाए रखने के लिए जानी जाती रही हैं।

उनके अनुभव को देखते हुए पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि शामली की यातायात व्यवस्था और अधिक सुदृढ़, अनुशासित और जनहितैषी बनेगी।

👮‍♂️ सहायक यातायात प्रभारी की ज़िम्मेदारी

वहीं, लाल विराट भारद्वाज को सहायक यातायात प्रभारी नियुक्त किया गया है।

प्रशासन को विश्वास है कि यह टीम मिलकर शहर की यातायात समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगी।

🖋️ पुलिस पर एक सटीक शेर

सैकड़ों अक्लमंद मिलते हैं,
काम के लोग चंद मिलते हैं,
जब मुसीबत आती है,
तब “पुलिस” के अलावा,
सबके दरवाज़े बंद मिलते हैं…!!

यह पंक्तियाँ पुलिस के उस किरदार को बख़ूबी बयान करती हैं, जो हर आपात स्थिति में आम जनता के लिए ढाल बनकर खड़ा रहता है।


📰 ख़ास रिपोर्ट

पुलिस विभाग को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका
“सलाम खाकी”
के लिए
से
पत्रकार ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

📞 8010884848
🌐 www.salamkhaki.com
📧 salamkhaki@gmail.com

#SalamKhaki #ShamliPolice #WomenInPolice #NidhiChaudhary #UPPolice


किशोरों और बालिकाओं की बेहतरी पर प्रशासन का फोकस

मेरठ में जिला न्यायाधीश, जिलाधिकारी और एसएसपी का संयुक्त निरीक्षण। समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग—किशोरों, बच्चों और महिलाओं—की सुरक्षा, देखभाल और सुविधाओं को परखने के उद्देश्य से आज एक अहम प्रशासनिक पहल देखने को मिली। मा0 जिला न्यायाधीश अनुपम कुमार, जिलाधिकारी डॉ0 वी0के0 सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन ताड़ा ने संयुक्त रूप से राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर, सूरजकुंड बाल गृह तथा राजकीय पश्चातवर्ती देखरेख संगठन, लालकुर्ती (नारी निकेतन) का निरीक्षण किया।

किशोरों से सीधी बातचीत, व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत

निरीक्षण की शुरुआत राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर से हुई, जहाँ अधिकारियों ने किशोरों से संवाद कर खान-पान, दवाइयों की उपलब्धता, न्यायालय में पेशी सहित अन्य आवश्यक विषयों पर जानकारी ली। इस दौरान व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

सूरजकुंड बाल गृह में शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर

इसके बाद टीम सूरजकुंड बाल गृह पहुँची। यहाँ मा0 जिला न्यायाधीश एवं जिलाधिकारी ने बच्चों से बातचीत कर पढ़ाई, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति जानी। शिशु सदन का भी निरीक्षण किया गया और बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए सुधारात्मक सुझाव दिए गए।

नारी निकेतन में सुरक्षा और सुविधाओं की समीक्षा

निरीक्षण के अंतिम चरण में लालकुर्ती स्थित नारी निकेतन में बालिकाओं को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बच्चों से सीधे संवाद कर आहार, शिक्षा और देखरेख से जुड़े पहलुओं पर जानकारी ली और व्यवस्थाओं को मानक अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए।

सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश

इस पूरे निरीक्षण के दौरान संबंधित संस्थानों का स्टाफ एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। यह पहल स्पष्ट संदेश देती है कि प्रशासन संवेदनशील संस्थानों की निगरानी को प्राथमिकता देते हुए बच्चों और महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

सैंकड़ों अक्लमंद मिलते हैं,
काम के लोग चंद मिलते हैं,
जब मुसीबत आती है,
तब पुलिस के अलावा,
सबके दरवाजे बंद मिलते हैं…!!

पुलिस विभाग को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका “सलाम खाकी” के लिए
मेरठ, उत्तर प्रदेश से—पत्रकार मनीष सिंह की खास रिपोर्ट

#salamkhaki
📞 8010884848
🌐 www.salamkhaki.com
✉️ salamkhaki@gmail.com

मुलजिम की फरारी पर हरिद्वार पुलिस में सख़्त एक्शन

एसएसपी का बड़ा फैसला, कोर्ट मोहर्रिर निलंबित, हरिद्वार पुलिस प्रशासन ने अनुशासन और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर साफ़ संदेश दिया है। रुड़की न्यायालय से जुड़े एक गंभीर मामले में मुलजिम की फरारी को पुलिस महकमे ने अत्यंत गंभीरता से लिया है और लापरवाही सामने आने पर तत्काल कड़ी कार्यवाही की गई है।

क्या है पूरा मामला?

न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रुड़की द्वारा धारा 138 एनआई एक्ट के तहत प्रचलित एक परिवाद में आरोपी को 01 वर्ष का कारावास सुनाया गया था। सजा के बाद आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया, लेकिन कोर्ट मोहर्रिर की हिरासत से आरोपी का फरार हो जाना पुलिस और न्याय व्यवस्था के लिए एक गंभीर चूक मानी गई।

इस घटना के बाद संबंधित कोर्ट मोहर्रिर द्वारा कोतवाली गंगनहर, रुड़की में मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसके पश्चात मामले की जांच उच्च स्तर पर पहुंची।

एसएसपी का कड़ा रुख

प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर द्वारा कोर्ट मोहर्रिर (महिला कांस्टेबल) को तत्काल निलंबित करने के आदेश जारी किए गए।
साथ ही, पूरे प्रकरण की विस्तृत और तथ्यात्मक जांच के लिए एडिशनल एसपी / सीओ रुड़की को निर्देश दिए गए हैं कि वे 01 सप्ताह के भीतर प्रारंभिक जांच आख्या प्रस्तुत करें।

अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश

यह कार्यवाही स्पष्ट करती है कि पुलिस विभाग में कर्तव्य में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे मामला कितना भी संवेदनशील या दबावपूर्ण क्यों न हो।

“सैकड़ों अक्लमंद मिलते हैं,
काम के लोग चंद मिलते हैं,
जब मुसीबत आती है,
तब पुलिस के अलावा,
सबके दरवाज़े बंद मिलते हैं..!!”

सलाम खाकी – पुलिस को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका

यह विशेष रिपोर्ट हरिद्वार, उत्तराखंड से
पत्रकार: तसलीम अहमद

संपर्क: 8010884848
वेबसाइट: www.salamkhaki.com
ईमेल: salamkhaki@gmail.com

#SalamKhaki #HaridwarPolice #SSPAction #PoliceDiscipline #NIAct #LawAndOrder

दानपात्र चोरी का खुलासा: ब्रह्मपुरी पुलिस की मुस्तैदी से शातिर चोर गिरफ्तार, ₹5,744 बरामद

मेरठ | विशेष रिपोर्ट मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र में मंदिर के दानपात्र से हुई चोरी की घटना का पुलिस ने त्वरित और सटीक खुलासा कर दिया है। ब्रह्मपुरी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए शातिर चोर अखिलेश उर्फ ‘चाट का पत्ता’ को मेवला पुल, दिल्ली रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी की गई नकदी में से ₹5,744 बरामद की गई है।

घटना का विवरण

वादी श्री तरुण पुत्र महन्त तारकेश्वर नन्द गिरी, निवासी ब्रह्मलीन माधवपुरम, थाना ब्रह्मपुरी—ने थाने पर लिखित तहरीर देकर बताया कि अज्ञात चोर ने मंदिर के दानपात्र का ताला तोड़कर नकदी चोरी कर ली। तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 16/2026 अंतर्गत धारा 331(4)/305 बीएनएस में मुकदमा पंजीकृत किया गया।

तेज़ कार्रवाई, सटीक परिणाम

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थाना स्तर पर विशेष टीम गठित की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा। जामा तलाशी में बरामद रकम के आधार पर मामले में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।

कानूनी प्रक्रिया जारी

आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है और उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

“सैंकड़ों अक्लमंद मिलते हैं,
काम के लोग चंद मिलते हैं,
जब मुसीबत आती है,
तब पुलिस के अलावा,
सबके दरवाज़े बंद मिलते हैं..!!”

सलाम खाकी—पुलिस विभाग को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका—के लिए
मेरठ, उत्तर प्रदेश से पत्रकार मनीष सिंह की खास रिपोर्ट

#salamkhaki
📞 8010884848
🌐 www.salamkhaki.com
✉️ salamkhaki@gmail.com


₹100 बचाने की ज़िद ने उजाड़ दी ज़िंदगी, हरिद्वार की पार्किंग से उठा एक सवाल—कानून, संवेदना और ज़िम्मेदारी का

हरिद्वार। कभी-कभी ज़िंदगी का सबसे बड़ा नुकसान बहुत छोटी-सी ज़िद से शुरू होता है। महज़ ₹100 के पार्किंग शुल्क को लेकर हुआ विवाद एक मेहनतकश इंसान की जान ले गया और दो पढ़े-लिखे युवकों की पूरी ज़िंदगी सलाखों के पीछे धकेल दी। यह सिर्फ़ एक अपराध की कहानी नहीं, बल्कि संवेदनहीनता, जल्दबाज़ी और कानून की अवहेलना का कड़वा सच है।

नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग में 10 जनवरी, शनिवार को पार्किंग शुल्क को लेकर हुए विवाद ने भयावह मोड़ ले लिया। हरियाणा से आए यात्रियों और पार्किंग मैनेजर सहदेव कुमार के बीच कहासुनी हुई। बात इतनी बढ़ी कि वैगनआर कार चालक ने बैरियर तोड़ते हुए कार दौड़ा दी और सहदेव कुमार को कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल सहदेव को जॉलीग्रांट अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस हृदयविदारक घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली गई। नगर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच तेज़ी से पूरी की और आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

कौन हैं आरोपी?

इस मामले ने इसलिए भी समाज को झकझोर दिया क्योंकि आरोपियों में एक वकील है और दूसरा एलएलबी का छात्र

  • सूरज—पेशे से वकील
  • विशाल—उसका भांजा, जो एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है

दोनों रुड़की में परीक्षा दिलाने आए थे और परीक्षा अवधि के दौरान हरकी पैड़ी पर स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचे। कार विशाल चला रहा था। बताया जा रहा है कि वकील सूरज ने पार्किंग शुल्क देने के लिए रुपये भी दिए थे, लेकिन विशाल ने भुगतान नहीं किया। जल्दबाज़ी और ग़लत फ़ैसले में विशाल ने कार तेज़ कर दी। सहदेव चौहान ने रोकने की कोशिश की—पहली टक्कर लगी, फिर दूसरी। सहदेव उछलकर बोनट पर गिरा और ज़मीन पर जा गिरा। कुछ ही देर में एक परिवार की दुनिया उजड़ गई।

टूट गया एक घर

सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि पिछले महीने ही सहदेव चौहान ने अपने बेटे की शादी की थी। घर में खुशियों का माहौल था, जो एक पल में मातम में बदल गया। ₹100 बचाने की कोशिश ने एक ईमानदार कर्मचारी की जान ले ली और उसके परिवार को ऐसा दुख दे दिया जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।

पुलिस की तत्परता

इस पूरे मामले में नगर कोतवाली पुलिस की भूमिका सराहनीय रही। टीम में प्रभारी रितेश शाह, एसएसआई नन्द किशोर ग्वाड़ी, चौकी प्रभारी एसआई चरण सिंह चौहान, एएसआई संदीप वर्मा तथा कांस्टेबल राकेश, पवन और दिनेश शामिल रहे। तेज़ कार्रवाई ने यह संदेश साफ़ कर दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं।

एक कड़वा सच

सैकड़ों अक्लमंद मिलते हैं,
काम के लोग चंद मिलते हैं,
जब मुसीबत आती है,
तब पुलिस के अलावा,
सबके दरवाज़े बंद मिलते हैं…

यह घटना हमें याद दिलाती है कि कानून का सम्मान, धैर्य और मानवीय संवेदना—तीनों एक साथ ज़रूरी हैं। वरना छोटी-सी नासमझी न सिर्फ़ अपनी ज़िंदगी बर्बाद करती है, बल्कि किसी और के घर का चिराग भी बुझा देती है।

सलाम खाकी
रुड़की, उत्तराखंड से
पत्रकार: तसलीम अहमद (विशेष रिपोर्ट)