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गैर-जमानती वारंटियों पर पुलिस का शिकंजा: कैराना, कांधला व बाबरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 4 वांछित अभियुक्त गिरफ्तार


शामली जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में पुलिस प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक शामली एन.पी. सिंह के निर्देशानुसार चलाए जा रहे गैर-जमानती वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभियान के तहत पुलिस को एक अहम सफलता हाथ लगी है।

दिनांक 28 जनवरी 2026 को थाना कैराना, कांधला एवं बाबरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में माननीय न्यायालयों से जारी गैर-जमानती वारंटों के तहत 04 वारण्टी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई न सिर्फ कानून का पालन सुनिश्चित करती है, बल्कि आमजन में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत करती है।

👮‍♂️ गिरफ्तारी की कार्रवाई

पुलिस टीमों ने न्यायालय से प्राप्त आदेशों के अनुपालन में सटीक रणनीति के साथ दबिश देकर वांछित अभियुक्तों को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध थाना झिंझाना/कांधला पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

🧾 गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

  • सौरव सैनी उर्फ सौरभ सैनी, पुत्र स्व. अनिल सैनी
    निवासी: ग्राम झारखेड़ी, थाना कैराना, जनपद शामली
  • आरिफ, पुत्र शौकीन
    निवासी: ग्राम काकौर, थाना कैराना, जनपद शामली
  • राकेश, पुत्र रामपाल
    निवासी: मोहल्ला हरिनगर एलम, थाना कांधला, जनपद शामली
  • प्रदीप, पुत्र बिसम्बर
    निवासी: मोहल्ला पटेलनगर, कस्बा बनत, थाना आदर्श मंडी, जनपद शामली

✍️ पुलिस के प्रति सम्मान की पंक्तियाँ

सैंकड़ों अक्लमंद मिलते हैं,
काम के लोग चंद मिलते हैं,
जब मुसीबत आती है,
तब “पुलिस” के अलावा,
सबके दरवाज़े बंद मिलते हैं..!!

📰 सलाम खाकी की विशेष रिपोर्ट

पुलिस विभाग को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका “सलाम खाकी” के लिए
📍 शामली, उत्तर प्रदेश से
ब्यूरो चीफ: शौकिन सिद्दीकी
कैमरामैन: रामकुमार चौहान

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यह अभियान पुलिस की सतर्कता और न्यायपालिका के आदेशों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। ऐसे प्रयास समाज में कानून के प्रति विश्वास और अपराध के प्रति भय को मजबूत करते हैं।

ढोल बजाने के काम का लालच देकर बंधक बनाकर मारपीट व जबरन वसूली पुलिस ने 02 अभियुक्ताओं को किया गिरफ्तार, नकदी व मोबाइल बरामद


शामली। ढोल बजाने के कार्य का लालच देकर बंधक बनाने, मारपीट करने और जबरन रुपये वसूलने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्ताओं को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जनपद में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग अभियान के दौरान की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 25 जनवरी 2026 को वादी आतिश पुत्र राजू, निवासी मोहल्ला पंसारियान, वाल्मीकि बस्ती, थाना कोतवाली शामली द्वारा एक लिखित तहरीर दी गई थी। तहरीर में बताया गया कि वादी तथा उसका साथी आशु ढोल बजाने के काम के लालच में एक घर बुलाए गए, जहां उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की गई और घायल करते हुए उनसे जबरन रुपये वसूल लिए गए।

तहरीर के आधार पर थाना कैराना पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शामली ने अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में 28 जनवरी 2026 को थाना कैराना पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान इस मामले में संलिप्त दो अभियुक्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्ताओं के कब्जे से जबरन वसूली गई रकम में से 2000 रुपये नकद तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार इस घटना में शामिल अन्य वांछित अभियुक्तों की तलाश जारी है और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

गिरफ्तार अभियुक्ताओं के नाम जुल्लो पत्नी इस्लाम, निवासी मोहल्ला आर्यपुरी, कस्बा व थाना कैराना तथा आसमा पत्नी वसीम, निवासी मोहल्ला आर्यपुरी, कस्बा व थाना कैराना, जनपद शामली बताए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

“सलाम खाकी” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए
शामली, उत्तर प्रदेश से
ब्यूरो-चीफ: शौकिन सिद्दीकी
कैमरामैन: रामकुमार चौहान की विशेष रिपोर्ट

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शामली में लैंड स्कैम का बड़ा खुलासा: 30 लोगों का संगठित गिरोह, 7 गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी का नेटवर्क बेनकाब

शामली (उत्तर प्रदेश) जिले में जमीन की बढ़ती कीमतों और हाईवे प्रोजेक्ट्स की आड़ में चल रहे एक बड़े लैंड स्कैम का पर्दाफाश हुआ है। शामली पुलिस ने करीब 30 लोगों के संगठित गिरोह में शामिल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर एक ऐसे नेटवर्क को उजागर किया है, जो फर्जी कागजात और मास्टर प्लान के जरिए निवेशकों से लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठ रहा था।

महंगी जमीन सस्ती बताकर फंसाते थे निवेशक

गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। प्राइम लोकेशन की जमीन को बाजार भाव से कम कीमत में दिलाने का झांसा देकर बाहर के निवेशकों को फंसाया जाता था। मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर उनसे बड़ी रकम इन्वेस्ट करवाई जाती और फिर फर्जी दस्तावेजों के सहारे रकम हड़प ली जाती।

फर्जी खसरा-खतौनी से उड़ाए 20 लाख रुपये

उत्तराखंड निवासी आदित्य कुमार की शिकायत पर आदर्शमंडी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने कूट रचित खसरा-खतौनी तैयार कर उससे करीब 20 लाख रुपये ठग लिए। जांच आगे बढ़ी तो पूरा खेल सामने आ गया—यह कोई अकेली वारदात नहीं, बल्कि सुनियोजित गैंग का काम था।

मास्टरमाइंड और ठगी का पूरा प्लान

पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग का मास्टरमाइंड निखिल (मुजफ्फरनगर निवासी) है, जो हाल ही में थाना आदर्शमंडी क्षेत्र के मोहल्ला रेलपार में रह रहा था। गिरोह पहले जमीन मालिक को अपने जाल में लेता, फिर निवेशक ढूंढता। भरोसा जीतने के लिए खुद भी पैसे लगाने का नाटक किया जाता।
इसके बाद एक डमी सेठ को आगे कर जमीन दिखाई जाती, सौदा तय कराया जाता और ऐन वक्त पर डील कैंसिल कर दी जाती। नतीजा—निवेशक का पैसा डूब जाता और उसे यह कहकर चुप करा दिया जाता कि “हमारा भी पैसा तुम्हारे साथ डूब गया।”

बरामदगी और गिरफ्तारी

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 7 लाख रुपये नकद, 2 लग्जरी कारें, फर्जी जमीन के दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि यह गैंग शामली के अलावा अन्य जिलों और राज्यों में भी इसी तरह की ठगी कर चुका है।

शामली को क्यों बनाया ठगी का केंद्र

एसपी शामली नागेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, शामली से पांच हाईवे गुजरते हैं, जिससे जमीन के रेट तेजी से बढ़े हैं। इसी वजह से गैंग ने जिले को ठगी का केंद्र बनाया और बाहर के निवेशकों को यहां बुलाकर निशाना बनाया।

“सैंकड़ों अक्लमंद मिलते हैं,
काम के लोग चंद मिलते हैं,
जब मुसीबत आती है,
तब पुलिस के अलावा,
सबके दरवाजे बंद मिलते हैं।”

यह कार्रवाई न सिर्फ ठगों के लिए सख्त संदेश है, बल्कि आम लोगों के लिए भी चेतावनी—जमीन में निवेश से पहले दस्तावेजों की गहन जांच और सरकारी सत्यापन बेहद जरूरी है।


पुलिस विभाग को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका “सलाम खाकी” के लिए
शामली, उत्तर प्रदेश से पत्रकार शौकीन सिद्दीकी की खास रिपोर्ट

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यातायात नियमों को लेकर राष्ट्रीय सदन इंटर कॉलेज में छात्रों को किया गया जागरूक

झिंझाना। स्थानीय पुलिस द्वारा आरएसएस इंटर कॉलेज में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार 

पुलिसकर्मियों ने छात्रों को बताया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना तथा चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग करना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। 

इसके साथ ही उन्होंने तेज गति तथा गलत दिशा में वाहन चलाने और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी भी दी। छात्रों को ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग, रोड साइन और पैदल चलने के नियमों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। इस अवसर पर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार ने कहा कि यातायात नियम केवल कानून नहीं, बल्कि हमारी और दूसरों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

 उन्होंने कहा कि आज के छात्र ही कल के जिम्मेदार नागरिक हैं, इसलिए छोटी उम्र से ही यातायात अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी यातायात से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस टीम ने सरल भाषा में उत्तर दिया।

 जागरूकता कार्यक्रम से छात्रों में उत्साह देखा गया और उन्होंने नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षकगण व पुलिस कर्मी उपस्थित रहे।

🚨 शामली में इतिहास रचा गया: पहली बार महिला इंस्पेक्टर को मिली यातायात की कमान

शामली | उत्तर प्रदेश, शामली जनपद के पुलिस प्रशासन में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक फैसला सामने आया है। जनपद में पहली बार यातायात व्यवस्था की ज़िम्मेदारी एक महिला पुलिस अधिकारी को सौंपी गई है।

महिला इंस्पेक्टर को शामली का यातायात प्रभारी नियुक्त किया गया है।

यह नियुक्ति न सिर्फ़ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत क़दम है, बल्कि यह भी साबित करती है कि पुलिस विभाग अब नेतृत्व के हर मोर्चे पर महिलाओं पर भरोसा जता रहा है।

🛑 शामली ज़ोन में पहली बार महिला को यातायात की कमान

जानकारी के अनुसार, निधि चौधरी शामली ज़ोन की पहली महिला इंस्पेक्टर हैं जिन्हें यातायात विभाग की ज़िम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे शामली महिला थाना प्रभारी के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुकी हैं और अपने कार्यकाल में अनुशासन, संवेदनशीलता और सख़्ती का संतुलन बनाए रखने के लिए जानी जाती रही हैं।

उनके अनुभव को देखते हुए पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि शामली की यातायात व्यवस्था और अधिक सुदृढ़, अनुशासित और जनहितैषी बनेगी।

👮‍♂️ सहायक यातायात प्रभारी की ज़िम्मेदारी

वहीं, लाल विराट भारद्वाज को सहायक यातायात प्रभारी नियुक्त किया गया है।

प्रशासन को विश्वास है कि यह टीम मिलकर शहर की यातायात समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगी।

🖋️ पुलिस पर एक सटीक शेर

सैकड़ों अक्लमंद मिलते हैं,
काम के लोग चंद मिलते हैं,
जब मुसीबत आती है,
तब “पुलिस” के अलावा,
सबके दरवाज़े बंद मिलते हैं…!!

यह पंक्तियाँ पुलिस के उस किरदार को बख़ूबी बयान करती हैं, जो हर आपात स्थिति में आम जनता के लिए ढाल बनकर खड़ा रहता है।


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#SalamKhaki #ShamliPolice #WomenInPolice #NidhiChaudhary #UPPolice


किशोरों और बालिकाओं की बेहतरी पर प्रशासन का फोकस

मेरठ में जिला न्यायाधीश, जिलाधिकारी और एसएसपी का संयुक्त निरीक्षण। समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग—किशोरों, बच्चों और महिलाओं—की सुरक्षा, देखभाल और सुविधाओं को परखने के उद्देश्य से आज एक अहम प्रशासनिक पहल देखने को मिली। मा0 जिला न्यायाधीश अनुपम कुमार, जिलाधिकारी डॉ0 वी0के0 सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विपिन ताड़ा ने संयुक्त रूप से राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर, सूरजकुंड बाल गृह तथा राजकीय पश्चातवर्ती देखरेख संगठन, लालकुर्ती (नारी निकेतन) का निरीक्षण किया।

किशोरों से सीधी बातचीत, व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत

निरीक्षण की शुरुआत राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर से हुई, जहाँ अधिकारियों ने किशोरों से संवाद कर खान-पान, दवाइयों की उपलब्धता, न्यायालय में पेशी सहित अन्य आवश्यक विषयों पर जानकारी ली। इस दौरान व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

सूरजकुंड बाल गृह में शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर

इसके बाद टीम सूरजकुंड बाल गृह पहुँची। यहाँ मा0 जिला न्यायाधीश एवं जिलाधिकारी ने बच्चों से बातचीत कर पढ़ाई, पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति जानी। शिशु सदन का भी निरीक्षण किया गया और बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए सुधारात्मक सुझाव दिए गए।

नारी निकेतन में सुरक्षा और सुविधाओं की समीक्षा

निरीक्षण के अंतिम चरण में लालकुर्ती स्थित नारी निकेतन में बालिकाओं को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बच्चों से सीधे संवाद कर आहार, शिक्षा और देखरेख से जुड़े पहलुओं पर जानकारी ली और व्यवस्थाओं को मानक अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए।

सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश

इस पूरे निरीक्षण के दौरान संबंधित संस्थानों का स्टाफ एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। यह पहल स्पष्ट संदेश देती है कि प्रशासन संवेदनशील संस्थानों की निगरानी को प्राथमिकता देते हुए बच्चों और महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

सैंकड़ों अक्लमंद मिलते हैं,
काम के लोग चंद मिलते हैं,
जब मुसीबत आती है,
तब पुलिस के अलावा,
सबके दरवाजे बंद मिलते हैं…!!

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मुलजिम की फरारी पर हरिद्वार पुलिस में सख़्त एक्शन

एसएसपी का बड़ा फैसला, कोर्ट मोहर्रिर निलंबित, हरिद्वार पुलिस प्रशासन ने अनुशासन और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर साफ़ संदेश दिया है। रुड़की न्यायालय से जुड़े एक गंभीर मामले में मुलजिम की फरारी को पुलिस महकमे ने अत्यंत गंभीरता से लिया है और लापरवाही सामने आने पर तत्काल कड़ी कार्यवाही की गई है।

क्या है पूरा मामला?

न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रुड़की द्वारा धारा 138 एनआई एक्ट के तहत प्रचलित एक परिवाद में आरोपी को 01 वर्ष का कारावास सुनाया गया था। सजा के बाद आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया, लेकिन कोर्ट मोहर्रिर की हिरासत से आरोपी का फरार हो जाना पुलिस और न्याय व्यवस्था के लिए एक गंभीर चूक मानी गई।

इस घटना के बाद संबंधित कोर्ट मोहर्रिर द्वारा कोतवाली गंगनहर, रुड़की में मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसके पश्चात मामले की जांच उच्च स्तर पर पहुंची।

एसएसपी का कड़ा रुख

प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर द्वारा कोर्ट मोहर्रिर (महिला कांस्टेबल) को तत्काल निलंबित करने के आदेश जारी किए गए।
साथ ही, पूरे प्रकरण की विस्तृत और तथ्यात्मक जांच के लिए एडिशनल एसपी / सीओ रुड़की को निर्देश दिए गए हैं कि वे 01 सप्ताह के भीतर प्रारंभिक जांच आख्या प्रस्तुत करें।

अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश

यह कार्यवाही स्पष्ट करती है कि पुलिस विभाग में कर्तव्य में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे मामला कितना भी संवेदनशील या दबावपूर्ण क्यों न हो।

“सैकड़ों अक्लमंद मिलते हैं,
काम के लोग चंद मिलते हैं,
जब मुसीबत आती है,
तब पुलिस के अलावा,
सबके दरवाज़े बंद मिलते हैं..!!”

सलाम खाकी – पुलिस को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका

यह विशेष रिपोर्ट हरिद्वार, उत्तराखंड से
पत्रकार: तसलीम अहमद

संपर्क: 8010884848
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