
लॉकडाउन में बंद हुआ मिट्टी बर्तन का धंधा, दाल-रोटी को तरसा कुम्हार समाज: दौलतपुरिया
-प्राजपति समाज के उत्थान को आगे आए पूर्व विधायक दौलतपुरिया, सीएम को लिखा कल्याण हेतु ठोस योजना बनाने का पत्र
फतेहाबाद: पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बलवान दौलतपुरिया ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर कोरोना
महामारी में हर तरह की सहायता से वंचित रहे कुम्हार समाज के कल्याण हेतु ठोस योजना बनाने की मांग उठाई है। सीएम को लिखे इस पत्र में पूर्व विधायक ने कुम्हार समाज के जीवन
यापन का मुख्य जरीया केवल मात्र मिट्टी के बार्तन बनाकर बेचना बताया है। लेकिन लॉकडाउन में इस काम के पूरी तरह बंद हो जाने से उनके सामने दो वक्त की दाल-रोटी का प्रबंध कर
पाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कुम्हार समाज की इस स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सीएम से मांग की है कि सरकार माटी कला बोर्ड के जरीये व अन्य ठोस योजना बनाकर
कोरोना महामारी से इस समाज के रोजगार को हुई क्षति की भरपाई करने का काम करें।
पूर्व विधायक दौलतपुरिया ने कहा कि प्रजापति समाज की रोजी रोटी उनके खुद के हुनर पर निर्भर करती है। यह समाज
उन समुदायों में से एक है, जिनके पास बचत के नाम पर भी ऐसी जमा पूंजी भी नहीं होती, जिससे वे अपने घर का खर्च चला सकें। इस समुदाय के लोग हर रोज मिट्टी के बर्तन बेचकर ही थोड़ा बहुत कमाते हैं, उसी से इनका घर चलता है। लॉकडाउन में इनका यह काम पूरी तरह से बंद रहा, जिसके
चलते इनके सामने परिवार के पालन पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया। पूर्व विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सोच पहले दिन से ही प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की रही है। ऐसे में उन्हें प्रजापति समाज के लोगों के लिए भी ठोस कल्याणकारी योजना बनाकर इस महामारी में इनका उत्थान करना चाहिए। इसके लिए उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह प्रजापति समाज को आर्थिक संकट से उबारने के लिए उनके
बनाए बर्तनों का फसलों की तर्ज पर एमएसपी रेट निर्धारित करके उन्हें सरकारी स्तर पर जून-जुलाई माह में खरीदने का प्रबंध करे। क्योंकि इन बर्तनों की विशेष मांग गर्मी के इन दो माह में अधिक रहती है। इसके साथ ही माटी कला बोर्ड के अंर्तगत प्रजापति समाज द्वारा बनाए गए मिट्टी के बर्तन निर्माण कार्य को प्रोत्साहन करने की मांग भी की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कुम्हार समाज की मिट्टी बर्तन बनाने की कला को प्रोत्साहित किया जाता है तो यह अप्रत्यक्ष रूप में सरकार की मेरा पानी, मेरी विरासत योजना को भी लाभ पहुंचाने का काम करेगी। कोरोना जैसी महामारी में मिट्टी के घड़ों का पानी पीने की सलाह स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व चिकित्सकों द्वारा दी जाती रही है। यदि सरकार प्रजापति समाज के मिट्टी बर्तन रोजगार को प्रोत्साहित करती है तो इससे बिजली, पानी की बचत तो होगी ही, साथ ही सरकार इस समुदाय को विशेष राहत पहुंचाने में भी मुख्य आधार बनेगी।
पत्रकार दिनेश बंसल की रिपोर्ट
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