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शिक्षा विभाग ने ई-लर्निंग के नये अवसर तलाश कर विद्यार्थियों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित की -जिला में लोकल नेटवर्क केबल व अन्य चैनलों पर करवाया शिक्षा के कार्यक्रमों का प्रसारण



शिक्षा विभाग ने ई-लर्निंग के नये अवसर तलाश कर विद्यार्थियों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित की
-जिला में लोकल नेटवर्क केबल व अन्य चैनलों पर करवाया शिक्षा के कार्यक्रमों का प्रसारण
फतेहाबाद, 22 जून।
उपायुक्त डॉ. नरहरि सिंह बांगड़ ने बताया कि पूरा विश्व इस समय कोरोना जैसी वैश्विक महामारी जूझ रहा है, जिसके के कारण अन्य समस्याओं के साथ-साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होनी शुरू हुई। फतेहाबाद जिला के सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग की पहल व अध्यापकों ने इसमें भी शिक्षा के नए अवसर तलाशे गए है। पूरे जिला में एक योजनाबद्ध रूप से कार्य किया जा रहा है। जिस भी विद्यार्थी के पास जो भी संसाधन थे, उन्हीं के द्वारा उनके शिक्षा के सभी अवसर उपलब्ध करवाने की योजना बनाई गई। विभाग द्वारा टीवी पर विभिन्न शिक्षा के कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाता है, जिसके लिए अनेक योजना पर कार्य किया गया। इस कार्य में सूचना, जनसंपर्क विभाग का भी अह्म रोल रहा।
उपायुक्त ने बताया कि योजनाबद्ध तरीके से सबसे पहले हर विद्यार्थी का डाटा कलेक्ट किया गया कि की विद्यार्थी के पास टीवी है, कौन का कनेक्शन है, केबल टीवी है, या डी2एच है। इसके अलावा कौन सा फोन है, स्मार्ट फोन है, या फीचर फोन है। उसके बाद पूरी कार्य योजना बनाई गई, जिसके क्रियांवयन के लिए सभी खंड़ों के स्कूल हेड, एबीआरसी, बीआरपी की वर्कशॉप करवाई गई, जिसमें उन्हें ई-लर्निंग डाटा बढ़ाने हेतु सभी कार्य बताए गएं। जैसे जिनके घर केबल टीवी है, उन्हें हरियाणा एजुसेट के कार्यक्रमों की सूची भेजी जाए। जिन के घर फ्री डीटीएच है, उनके पास किशोर मंच के कार्यक्रम की सूची भेजी जाए। जिनके पास टीवी नहीं है, या उस समय लाइट नहीं होती अथवा उसको दोबारा देखना चाहे, उनके पास एजुसेट के यू-ट्यूब लिंक भेजे जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सभी को डीडी मध्यप्रदेश व डीडी बिहार चैनल देखने को प्रोत्साहित किया जाएं।


उन्होंने बताया कि सभी स्कूल हेड को निर्देश दिए गए थे कि खंड मीटिंग के बाद वो स्टाफ मीटिंग लेंगे व विस्तार से इनके बारे में बताएंगे। सभी विद्यार्थियों के चैनल स्कैन कर उनके चैनलों को उन्हें नोट करवाया जाएं, जिसके लिए उन्हें एक क्लिप भी भेजी गई है। गुरुद्वारों, मंदिरों में इस बारे उद्घोषणा करवाई जाती है। जिन घरों में चैनल स्कैन हेतु रिमोट नहीं मिलता, उसके लिए वे यूनिवर्सल रिमोट का प्रयोग करें। जिनके घरों में पुराना सेट टॉप है, उसमें स्कैन कर पुराने चैनल डिलीट कर नए ऐड कर दें। उसी कक्षा के विद्यार्थियों के बीयूडीडीवाई ग्रुप भी बनाये जा सकते हैं। अध्यापक विद्यार्थियों को पूरे टाइम टेबल की सूची ना भेजे, उन्हें कक्षा अनुसार उसी दिन का कार्यक्रम भेजे। कार्यक्रम से पहले विषय के बारे में कुछ सूचना भेंजे। कार्यक्रम के बाद फीडबैक जरूर लें। कार्यक्रम खुद भी देखें व उस पर आधारित वर्कशीट्स भी विद्यार्थियों को करने भेजे, ताकि वो उसे गंभीरता से देखे। इसके अतिरिक्त घर से पढ़ाओ अभियान के तहत हर विद्यार्थी के पास दैनिक आधार पर कक्षा अनुसार कार्य भेजा जाता है, जिसमें अभ्यास पत्र, यू-ट्यूब लिंक आदि भेजे जाते हैं। जिन विद्यार्थियों के पास फीचर फोन है, उनके पास टेक्स्ट मैसेज से कार्य भेजा जाता है। कक्षा 5 से 12 तक विषय आधारित क्विज का आयोजन किया जाता है, जिसमें भी विद्यार्थी बढ़ चढक़र भाग लेते हैं।


इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने बताया कि पूरे कार्य के क्रियांवन के लिए डीईईओ, डाईट प्राचार्य, डीपीसी, बीईओ, डीएमएस, डीएसएस, डाईट फैक्लटी, एबीआरसी, बीआरपी, स्कूल हेड व कक्षा और विषय अध्यापकों द्वारा दैनिक आधार पर विद्यार्थियों को कॉल करते हंै व विद्यार्थियों का सहयोग करते हंै। विभाग द्वारा प्राप्त पुस्तकों को भी सोशल डिस्टेंस बनाते हुए अध्यापकों द्वारा घर-घर वितरित किया गया है। अध्यापकों द्वारा सभी सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए घर-घर जाकर गृह कार्य भी चेक कर रहे हैं। उपरोक्त सभी उपायों का प्रयोग करके सभी बच्चों तक ई-लर्निंग की सुविधा पहुंचाना सुनिश्चित किया गया।

ब्युरो चीफ़
 उजागर सिंह की रिपोर्ट 

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