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उरई न्यूज:- एसडीएम की कार्रवाई का नहीं दिख रहा गिट्टी बालू विक्रेताओं पर असर ० सड़क किनारे फिर से लगने लगे बालू गुम्मा के डंप ० जब सड़क किनारे थी सैकड़ों दुकान एक दो के अलावा अन्य दुकानों पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई ० सड़के बनी वाहनों के लिए इस्तेमाल कर रहे बालू, गुम्मा, गिट्टी वाले ० सैकड़ों बार चला अभियान लेकिन प्रशासन नहीं मिटा पाया अतिक्रमण का नाम

उरई न्यूज:- एसडीएम की कार्रवाई का नहीं दिख रहा गिट्टी बालू विक्रेताओं पर असर

० सड़क किनारे फिर से लगने लगे बालू गुम्मा के डंप
० जब सड़क किनारे थी सैकड़ों दुकान एक दो के अलावा अन्य दुकानों पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई
० सड़के बनी वाहनों के लिए इस्तेमाल कर रहे बालू, गुम्मा, गिट्टी वाले
० सैकड़ों बार चला अभियान लेकिन प्रशासन नहीं मिटा पाया अतिक्रमण का नाम



  सलाम खाकी न्यूज उरई से 
पत्रकार नसीम सिद्दीकी की रिपोर्ट

उरई। जनपद जालौन में लापरवाही खास हर एक विभाग में देखी जा रही है। ऐसा लग रहा जनपद जालौन में एक नया विभाग खोला जाए जिसका नाम लापरवाही विभाग रख दिया जाए, जिसमें रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचारी हो और सभी भ्रष्टाचारी अधिकारी, सत्ताधारी, गुंडे सभी की उसी में भर्ती की जाए ऐसा हम इसलिए कह रहे। क्योंकि जनपद जालौन में ईमानदारी नाम का शब्द बेईमान लगने लगा। लोगों को कान तरस जाते यह सुनने को कि इस विभाग ने ईमानदारी का यह कार्य किया। क्योंकि यहां की सड़कों पर हर दूसरा ट्रक ओवरलोडिंग बालू के साथ चलता है। हर नियम प्रशासनिक आला अधिकारियों के साथ ट्रक चलाने वाले माफियाओं को पता है। तब भी उनका कोई कुछ नहीं कर पाता अब ईमानदारी शब्द किस विभाग के लिए इस्तेमाल किया जाए, जब भ्रष्टाचारी सड़कों पर दौड़ती नजर आ रही। वही जनपद जालौन के मुख्यालय के उरई की सड़कों पर एक नजारा  देखने को मिलता है, कि आधी से ज्यादा सड़कों पर गुम्मा, गिट्टी, बालू विक्रेताओं ने कब्जा कर रखा है। अतिक्रमण अभियान के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो जाती है अतिक्रमण हटाओ अभियान उन जगहों पर पहुंचता ही नहीं जहां पर गुंडों और माफियाओं ने प्रशासन की लाखों करोड़ों की जमीन दबा रखी है। सिर्फ सब्जी बेचने वाले और सड़क किनारे त्रिपाल बांधकर रहने वालों के ऊपर अतिक्रमण हटाओ अभियान का पूरा अभाव आ जाता है, और अखबारों में फोटो खिंचवा कर प्रशासन के अधिकारी खुश हो जाते और जनता के सामने झूठी वाहवाही लूट लेते हैं। वही उरई के कोंच रोड पर सड़क किनारे गिट्टी, गुम्मा, बालू विक्रेताओं की सैकड़ों दुकानें हैं। जिन्होंने छोटी सी दुकान खोली और अपना लाखों का सामान सड़क पर डालकर कब्जा कर लिया। और उनकी बालू गिट्टी धीरे-धीरे सड़क किनारे से सड़क पर आ जाती जिनसे कई हादसे होते रहते और देखा जाए तो अभी उन्हीं की गिट्टी,बालू से जाम का झाम एक कारण बनता जा रहा। क्योंकि सड़क पर बालू,गिट्टी आ जाने से सड़क की  किनारी  पूरी तरह बंद हो गई। और ओवरलोड ट्रक निकलते। जिससे छोटे वाहन भी फस जा जाते हैं। साथ में मोदी ग्राउंड पर भी बालू विक्रेताओं ने हजारों फिट बालू के डंप लगा रखे हैं, और यह डंप ज्यादातर अवैध है कुछ दिनों पहले एसडीएम द्वारा कुछ डंप सीज किए गए थे। और कुछ दुकानदारों पर जुर्माना की कार्रवाई की गई थी। लेकिन कार्रवाई भी सिर्फ खानापूर्ति वाली हुई थी, क्योंकि जब सैकड़ों दुकानें थी तो सभी पर कार्रवाई होने चाहिए थी। ओर सारे डंप सीज होने थे, एक दो दुकानों पर कार्रवाई कर एसडीएम ने खानापूर्ति की और वाहवाही लूट ली।फिर दोबारा उस तरफ देखने की कोशिश नहीं की। बालू गिट्टी विक्रेता नियमों की धज्जियां आज से नहीं कई सालों से उड़ा रहे, और वह एसडीएम की कार्रवाई से मानने वाले नहीं फिर से उन्होंने  बालू गिट्टी के डंप सड़क किनारे से ज्यादा सड़क तक लगा रखे हैं। और डंप लगाकर उन्होंने एसडीएम को चुनौती दी । अब यह देखने योग्य होगा एसडीएम चुनौती स्वीकार कर  कोई बड़ी कार्रवाई उन विक्रेताओं पर करते हैं

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