*हरियाणा बोर्ड 10वीं के नतीजे टालने की पूरी कहानी यहां समझें!*
कोरोना के कहर (Corona Crisis) के बीच स्थगित हुई हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (Haryana School Education Board) की परीक्षाओं के बाद 10वीं व 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम भी जारी होने में अड़चनें आ रही हैं. इसी के चलते शिक्षा बोर्ड ने 8 जून को घोषित होने वाला 10वीं कक्षा का रिज़ल्ट भी रोक लिया है|
👉शिक्षा बोर्ड अब प्रदेश सरकार के निर्देश पर 10वीं कक्षा के उन बच्चों की विज्ञान विषय की परीक्षा लेगा जो बच्चे 11वीं कक्षा में विज्ञान संकाय में दाख़िला लेंगे. शिक्षा बोर्ड ऐसे बच्चों की सूची तैयार करवा रहा है. साथ ही शिक्षा बोर्ड प्रशासन मंथन कर रहा है कि सूची में बच्चों की संख्या अधिक होने व कोरोना के आंकड़े बढ़ने पर ये परीक्षा तीन की बजाय एक घंटे की ली जाए.
इस आशय की जानकारी देते हुए बोर्ड अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह व सचिव श्री राजीव प्रसाद, ह.प्र.से. ने संयुक्त रूप से एक प्रेस वक्तव्य में सोमवार को यहां बताया कि ऐसे परीक्षार्थी जो कक्षा ग्यारहवीं में विज्ञान संकाय (मेडिकल/नॉन- मेडिकल) में प्रवेश लेना चाहते हैं अथवा ऐसे कोर्स जिसमें विज्ञान विषय की अनिवार्यता है. उन परीक्षार्थियों को सेकेंडरी कक्षा में विज्ञान विषय में अनिवार्य तौर पर उत्तीर्ण करना होगा।
*परीक्षार्थियों की मांगी जाएगी सूची*
👉इस संदर्भ में विद्यालयों के माध्यम से परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की सूची मांगी जाएगी तथा विद्यालय परीक्षार्थी से लिखित सहमति लेकर उसका छ: माह का रिकार्ड रखेंगे. परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की संख्या शुन्य होने पर भी बोर्ड को सूचित करना होगा. उन्होंने बताया कि ऐसे परीक्षार्थी जो स्वेच्छा से विज्ञान विषय की परीक्षा देना चाहते है, उनसे भी विद्यालयों के माध्यम से परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों की सूची मांगी जाएगी. साथ ही विद्यालय ऐसे परीक्षार्थियों से लिखित सहमति लेकर उनका 6 महीने का रिकार्ड रखेंगें.
*विज्ञान विषयों के अंकों का इस तरह होगा निर्धारण*
👉उन्होंने बताया कि शेष परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम उनके द्वारा दी गई चार विषयों की लिखित परीक्षा के औसतन अंक के आधार पर विज्ञान विषय के अंक माने जायेगें. सैकेंडरी कक्षा के छठे विषय की परीक्षा आयोजित नहीं करवाई जायेगी. छठे विषय के अंक यदि पूर्व में आयोजित चार विषय की परीक्षा दी है तो उसका औसत निकाला जायेगा. उन्होंने बताया कि पांच विषयों की परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों द्वारा प्राप्त किए गए बेहतर चार विषयों के औसत अंक छठे विषय के माने जायेंगे.
*आंशिक अंक सुधार के लिए दे सकते हैं परीक्षा*
👉उन्होंने आगे बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा को देखते हुए यह भी निर्णय लिया गया है कि जो परीक्षार्थी औसत अंकों या प्राप्तांकों से संतुष्ट नहीं है तो वह आंशिक अंक सुधार की परीक्षा दे सकता है. जिसके लिए दो अवसर दिये जायेगें. उन्होंने बताया कि हरियाणा मुक्त विद्यालय के फ्रेश पूर्ण विषय के परीक्षार्थियों से शैक्षिक परीक्षा अनुसार विज्ञान विषय परीक्षा की सहमति ली जायेगी. शेष का परिणाम औसत अंकों के आधार पर निकाला जायेगा. सी.टी.पी. एवं रि-अपीयर मुक्त विद्यालय/शैक्षिक के परीक्षार्थियों की विज्ञान विषय की परीक्षा ली जायेगी.
*रद्द भी हो सकती है परीक्षा*
👉सूत्रों की मानें तो शिक्षा बोर्ड सरकार के निर्देश पर 10वीं कक्षा के बाद 11वीं कक्षा में विज्ञान संकाय में प्रवेश लेने वाले बच्चों की परीक्षा लेनी की तैयारी में जूटा है. पर साथ ही सरकार को ये प्रस्ताव भी भेजा जाएगा कि ये परीक्षा बच्चों की संख्या कम होने तथा साथ में कोरोना का कहर कम होने पर ही ली जाए. पर जिस प्रकार ये परीक्षा इसी महीने के अंत में करवाए जाए की तैयारी है और कोरोना का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है. ऐसे में सूत्रों का मानना है कि इन हालातों में परीक्षा लेना ख़तरे से खाली नहीं. ये परीक्षा देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों की जान जोखिम में डालने बराबर होगा. विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो हालातों के देखते हुये ये परीक्षा रद्द होने की उम्मीद ज़्यादा है.



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