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व्यक्ति के जीवन में शिक्षा अनमोल धन : उपायुक्त

जवाहर नवोदय विद्यालय खारा खेड़ी के विद्यार्थियों के लिए शुरू की ई-लाईब्रेरी
फतेहाबाद, 15 मई।
जवाहर नवोदय विद्यालय खारा खेड़ी ने स्कूली बच्चों में पढऩे की आदत को प्रोत्साहित करने और उन्हें बढ़ावा देने के उद्देश्य से ई-लाईब्रेरी की शुरूआत की है। जेएनवी छात्र के साथ-साथ अन्य स्कूल के बच्चे भी ज्ञान अर्जित करने के लिए इस पोर्टल का प्रयोग कर सकते हैं।
उपायुक्त एवं जवाहर नवोदय विद्यालय खारा खेड़ी के अध्यक्ष रवि प्रकाश गुप्ता ने ई-लाईब्रेरी शुरू करने के लिए विद्यालय प्रशासन को बधाई दी है। उन्होंने जेएनवी खारा खेड़ी के छात्रों सहित अन्य विद्यार्थियों से भी आह्वान किया है कि वे इस पोर्टल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें। उपायुक्त ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में शिक्षा बहुत महत्व रखती है। व्यक्ति के जीवन में शिक्षा ऐसा अनमोल धन है, जिसका बटवारा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र है।
ई-लाईब्रेरी की शुरूआत करते हुए विद्यालय के प्राचार्य राजीव कुमार सक्सेना ने इस पोर्टल को सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए बहुत ही लाभदायक बताया है। उन्होंने बताया कि ई-लाईब्रेरी एक पुस्तकालय है, जिसमें डाटा डिजीटल स्वरूपों में स्टोर होता है और कम्प्यूटर, लैपटाप, एंड्रायड मोबाइल फोन द्वारा एक्सेस किया जा सकता है।
प्राचार्य ने बताया कि वर्तमान में देश बहुत ही तेजी से डिजीटल इंडिया बनता जा रहा है। ई-लाईब्रेरी पोर्टल डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट जेएनवीफतेहाबादलाईब्रेरी डॉट वर्डप्रेस डॉट कॉम) पर मैगजीन, आर्टिकल्स, बुक्स, पेपर्स, इमेज और वीडियो को आसानी से देखा जा सकता है। इसे कोई भी स्वयं आसानी से एक्सेस कर सकता है। पोर्टल पर मौजूद डाटा/पीडीएफ फाइलों का प्रिंट भी लिया जा सकता है। इस तरह की लाईब्रेरी को रोज अपडेट किया जा सकता है। ई-लाईब्रेरी पोर्टल पर कैरियर गाइडेंस/काउंसलिंग को लेकर भी काफी जानकारी अपलोड की गई है। छात्र अपनी रूचि अनुसार विभिन्न विषयों की जानकारी यहां से ले सकते हैं। इसके साथ-साथ ई-लाईब्रेरी के माध्यम से छात्र ऑनलाइन ही विभिन्न समाचार पत्रों को देख व पढ़ सकते हैं।
प्राचार्य ने बताया कि ई-लाईब्रेरी छात्रों को पढऩे के लिए विभिन्न जानकारियां प्रदान करता है। स्कूल पुस्तकालय का छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन पर हमेशा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह छात्रों को आधुनिक डिजिटल और सामाजिक वातावरण में सफल होने के लिए समग्र कौशल विकसित करने में मदद करता है। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय का मुख्य उद्देश्य शैक्षिक संस्थागत की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करना है। इसके अलावा, अपने अध्ययन में छात्रों की सेवा, पुस्तकालय का उद्देश्य उन छात्रों के बीच पढऩे में रुचि पैदा करना है, जिन्हें सीखने के लिए सर्वोत्तम संसाधन और वातावरण मिलता है।
पुस्तकालयाध्यक्ष श्रीश कुमार ने बताया कि ई-लाईब्रेरी को कभी भी दिन के 24 घंटे और साल के 365 दिन एक्सेस किया जा सकता है। डिजीटल युग में ई-लाईब्रेरी में बहुत अधिक जानकारी/डाटा स्टोर करने की क्षमता होती है। शैक्षणिक उपलब्धि में पुस्तकालय की भूमिका अह्म होती है। स्कूल लाइब्रेरी छात्रों को आजीवन सीखने के कौशल से प्रेरित करती है और उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में जीने की कल्पना विकसित करती है।

दिनेश बंसल की रिपोर्ट

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