फतेहाबाद, 19 अप्रैल।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार लॉकडाउन 2.0 के दौरान कम जोखिम वाले क्षेत्रों में छूट संबंधी दिशा निर्देश जारी किए गए है। यह छूट 20 अप्रैल से लागू होगी। कटाई और आने वाले दिनों में नए बुवाई सीजन के शुरू होने के मद्देनजर खेती व किसानी से जुड़े कामों को खास छूट दी गई है। हालांकि, इस दौरान कोविड-19 के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। लॉकडाउन 2.0 के दौरान विभिन्न गतिविधियों पर छूट रहेगी।
उपायुक्त रवि प्रकाश गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में (जो नगर परिषद् या नगरपालिका के तहत न हों) काम करने वाले उद्योगों को नियमानुसार अनुमति रहेगी, सभी तरह की हेल्थ सर्विसेज (आयुष विभाग सहित) चालू रहेंगी, खेती से जुड़ी सभी गतिविधियां चालू रहेंगी, किसानों और कृषि मजदूरों को हार्वेस्टिंग से जुड़े काम करने की नियमानुसार अनुमति रहेगी, कृषि उपकरणों की दुकानें, उनके मुरम्मत और स्पेयर पाट्र्स की दुकानें खुली रहेंगी। उपायुक्त ने बताया कि इसी प्रकार से खाद, बीज, कीटनाशकों के निर्माण और वितरण
की गतिविधियां चालू रहेंगी। कटाई से जुड़ी मशीनों (कंपाइन) के एक राज्य से दूसरे राज्य में मूवमेंट पर कोई रोक नहीं रहेगी, मछली पालन से जुड़ी गतिविधियां, ट्रांसपोर्ट चालू रहेंगी। दूध और दुग्ध उत्पाद के प्लांट और इनकी सप्लाई, मवेशियों के चारा से जुड़े प्लांट, रॉ मटिरिलय की सप्लाई, स्पेशल इकनॉमिक जोन में मैन्यूफैक्चरिंग और दूसरे औद्योगिक संस्थानों, निर्यात से जुड़ी इकाइयों को शर्तों के साथ छूट रहेगी। उन्होंने बताया कि उद्योग अपना काम शुरू कर सकते हैं, लेकिन उन्हें वर्करों को अपने परिसर में ही ठहराने का भी इंतजाम करना होगा। वर्करों को कार्यस्थल पर लाने की जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी और उसे इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग आदि के मानकों का पालन करना होगा।
उपायुक्त ने बताया कि सडक़ की मुरम्मत और निर्माण, जहां भीड़ नहीं हो, बैंक शाखाएं, एटीएम, पोस्टल सर्विसेज चालू रहेंगी। ऑनलाइन टीचिंग और डिस्टेंस लर्निंग को प्रोत्साहित किया जाएगा, मनरेगा के काम की ईजाजत रहेगी। मनरेगा में सिंचाई और वॉटर कंजर्वेशन से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी, इमर्जेंसी के हालात में फोर वीलर में ड्राइवर के अलावा केवल एक ही रहेगा, दुपहिया पर सिर्फ एक ही शख्स यानी उसका चालक सवार हो सकता है, उल्लंघन करने पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जायेगा। उन्होंने बताया कि कोई शख्स क्वारंटीन किया गया है मगर नियमों का उल्लंघन करता है तो आईपीईस की धारा 188 के तहत कार्रवाई, तेल और गैस सेक्टर का ऑपरेशन चलता रहेगा, इनसे जुड़ीं ट्रांसपोर्टेशन, डिस्ट्रिब्यूशन, स्टोरेज और रिटेल से जुड़ी गतिविधियां चलती रहेंगी। गुड्स/कार्गो के लोडिंग-अनलोडिंग के काम को छूट, जरूरी सामानों जैसे पेट्रोलियम और एलपीजी प्रोडक्ट्स, दवाओं, खाद्य सामग्रियों के ट्रांसपोर्टेशन, सभी ट्रकों और गुड्स/कैरियर वीइकल्स तथा एक ट्रक में 2 ड्राइवरों और एक हेल्पर की ईजाजत रहेगी।
उपायुक्त ने बताया कि इस बार ट्रकों के मुरम्मत की दुकानों को भी छूट को शामिल किया गया है। हाईवेज पर ढाबे भी सरकार की हिदायतों अनुसार निश्चित दूरी बनाते हुए खुले रहेंगे ताकि ट्रक चालकों को दिक्कत न हो। रेलवे की मालगाडिय़ों को अनुमति बरकरार रहेगी। सभी जरूरी सामानों की सप्लाई चेन को अनुमति है। किरयाना की दुकानों, राशन की दुकानों, फल, सब्जी, मीट, मछली, पोल्ट्री, खाद्यान्न, डेयरी और मिल्क बूथ, मवेशियों के चारे की दुकानों को सरकार की हिदायतों अनुसार निश्चित दूरी बनाते हुए छूट बरकरार रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रीय (जो नगर परिषद् या नगरपालिका के तहत न हों) में ईंट भठों को चलाने की छूट रहेगी और इस दौरान सोशल
डिस्टेसिंग के मानकों का पालन करना होगा। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को छूट, डीटीएच और केबल सर्विस, आईटी से जुड़ी कंपनियों को वर्कफोर्स के 50 प्रतिशत स्ट्रेंथ के साथ काम करने की इजाजत (जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप चिह्नित इलाकों में नहीं), सरकारी मंजूरशुदा कॉमन सर्विस सेंटर को सरकार की हिदायतों अनुसार निश्चित दूरी बनाते हुए खोले जाने के उपरान्त सभी प्रकार की सरकारी स्कीमों के फार्म आदि भरने का कार्य करने की छूट दी गई है। उपायुक्त ने बताया कि ई-कॉमर्स कंपनियों की गतिविधियों, इनके ऑपरेटरों की गाडिय़ों को छूट, इसके लिए इजाजत लेनी होगी, सरकारी काम में लगीं डेटा और कॉल सेंटर सर्विसेज को ईजाजत, प्राइवेट सिक्यॉरिटी सर्विसेज को ईजाजत, सभी औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व उनके कार्यालयों आदि को शुरू करने से पहले मानक संचालन प्रक्रिया के नियमों अपनाना होगा और जो भी व्यक्ति लॉकडाउन के समय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धाराओं का उल्लंघन करेगा उसके विरुद्ध नियमानुसार प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार लॉकडाउन 2.0 के दौरान कम जोखिम वाले क्षेत्रों में छूट संबंधी दिशा निर्देश जारी किए गए है। यह छूट 20 अप्रैल से लागू होगी। कटाई और आने वाले दिनों में नए बुवाई सीजन के शुरू होने के मद्देनजर खेती व किसानी से जुड़े कामों को खास छूट दी गई है। हालांकि, इस दौरान कोविड-19 के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। लॉकडाउन 2.0 के दौरान विभिन्न गतिविधियों पर छूट रहेगी।
उपायुक्त रवि प्रकाश गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में (जो नगर परिषद् या नगरपालिका के तहत न हों) काम करने वाले उद्योगों को नियमानुसार अनुमति रहेगी, सभी तरह की हेल्थ सर्विसेज (आयुष विभाग सहित) चालू रहेंगी, खेती से जुड़ी सभी गतिविधियां चालू रहेंगी, किसानों और कृषि मजदूरों को हार्वेस्टिंग से जुड़े काम करने की नियमानुसार अनुमति रहेगी, कृषि उपकरणों की दुकानें, उनके मुरम्मत और स्पेयर पाट्र्स की दुकानें खुली रहेंगी। उपायुक्त ने बताया कि इसी प्रकार से खाद, बीज, कीटनाशकों के निर्माण और वितरण
की गतिविधियां चालू रहेंगी। कटाई से जुड़ी मशीनों (कंपाइन) के एक राज्य से दूसरे राज्य में मूवमेंट पर कोई रोक नहीं रहेगी, मछली पालन से जुड़ी गतिविधियां, ट्रांसपोर्ट चालू रहेंगी। दूध और दुग्ध उत्पाद के प्लांट और इनकी सप्लाई, मवेशियों के चारा से जुड़े प्लांट, रॉ मटिरिलय की सप्लाई, स्पेशल इकनॉमिक जोन में मैन्यूफैक्चरिंग और दूसरे औद्योगिक संस्थानों, निर्यात से जुड़ी इकाइयों को शर्तों के साथ छूट रहेगी। उन्होंने बताया कि उद्योग अपना काम शुरू कर सकते हैं, लेकिन उन्हें वर्करों को अपने परिसर में ही ठहराने का भी इंतजाम करना होगा। वर्करों को कार्यस्थल पर लाने की जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी और उसे इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग आदि के मानकों का पालन करना होगा।
उपायुक्त ने बताया कि सडक़ की मुरम्मत और निर्माण, जहां भीड़ नहीं हो, बैंक शाखाएं, एटीएम, पोस्टल सर्विसेज चालू रहेंगी। ऑनलाइन टीचिंग और डिस्टेंस लर्निंग को प्रोत्साहित किया जाएगा, मनरेगा के काम की ईजाजत रहेगी। मनरेगा में सिंचाई और वॉटर कंजर्वेशन से जुड़े कामों को प्राथमिकता दी जाएगी, इमर्जेंसी के हालात में फोर वीलर में ड्राइवर के अलावा केवल एक ही रहेगा, दुपहिया पर सिर्फ एक ही शख्स यानी उसका चालक सवार हो सकता है, उल्लंघन करने पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जायेगा। उन्होंने बताया कि कोई शख्स क्वारंटीन किया गया है मगर नियमों का उल्लंघन करता है तो आईपीईस की धारा 188 के तहत कार्रवाई, तेल और गैस सेक्टर का ऑपरेशन चलता रहेगा, इनसे जुड़ीं ट्रांसपोर्टेशन, डिस्ट्रिब्यूशन, स्टोरेज और रिटेल से जुड़ी गतिविधियां चलती रहेंगी। गुड्स/कार्गो के लोडिंग-अनलोडिंग के काम को छूट, जरूरी सामानों जैसे पेट्रोलियम और एलपीजी प्रोडक्ट्स, दवाओं, खाद्य सामग्रियों के ट्रांसपोर्टेशन, सभी ट्रकों और गुड्स/कैरियर वीइकल्स तथा एक ट्रक में 2 ड्राइवरों और एक हेल्पर की ईजाजत रहेगी।
उपायुक्त ने बताया कि इस बार ट्रकों के मुरम्मत की दुकानों को भी छूट को शामिल किया गया है। हाईवेज पर ढाबे भी सरकार की हिदायतों अनुसार निश्चित दूरी बनाते हुए खुले रहेंगे ताकि ट्रक चालकों को दिक्कत न हो। रेलवे की मालगाडिय़ों को अनुमति बरकरार रहेगी। सभी जरूरी सामानों की सप्लाई चेन को अनुमति है। किरयाना की दुकानों, राशन की दुकानों, फल, सब्जी, मीट, मछली, पोल्ट्री, खाद्यान्न, डेयरी और मिल्क बूथ, मवेशियों के चारे की दुकानों को सरकार की हिदायतों अनुसार निश्चित दूरी बनाते हुए छूट बरकरार रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रीय (जो नगर परिषद् या नगरपालिका के तहत न हों) में ईंट भठों को चलाने की छूट रहेगी और इस दौरान सोशल
डिस्टेसिंग के मानकों का पालन करना होगा। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को छूट, डीटीएच और केबल सर्विस, आईटी से जुड़ी कंपनियों को वर्कफोर्स के 50 प्रतिशत स्ट्रेंथ के साथ काम करने की इजाजत (जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप चिह्नित इलाकों में नहीं), सरकारी मंजूरशुदा कॉमन सर्विस सेंटर को सरकार की हिदायतों अनुसार निश्चित दूरी बनाते हुए खोले जाने के उपरान्त सभी प्रकार की सरकारी स्कीमों के फार्म आदि भरने का कार्य करने की छूट दी गई है। उपायुक्त ने बताया कि ई-कॉमर्स कंपनियों की गतिविधियों, इनके ऑपरेटरों की गाडिय़ों को छूट, इसके लिए इजाजत लेनी होगी, सरकारी काम में लगीं डेटा और कॉल सेंटर सर्विसेज को ईजाजत, प्राइवेट सिक्यॉरिटी सर्विसेज को ईजाजत, सभी औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व उनके कार्यालयों आदि को शुरू करने से पहले मानक संचालन प्रक्रिया के नियमों अपनाना होगा और जो भी व्यक्ति लॉकडाउन के समय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धाराओं का उल्लंघन करेगा उसके विरुद्ध नियमानुसार प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।







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