सहारनपुर। पश्चिमी यूपी की धरती एक बार फिर गोलियों की गूंज से थर्रा उठी। कुख्यात इनामी बदमाश शहजाद का आखिरकार अंत हो गया—लेकिन इससे पहले उसने पुलिस को भी खुली चुनौती दी। देर रात हुई इस मुठभेड़ में शहजाद ने घिरते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की घेराबंदी से बौखलाए बदमाश ने जान बचाने के लिए गोलियों की बौछार कर दी। इसी दौरान दो पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हो गए, जिससे मुठभेड़ और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई। लेकिन पुलिस ने हिम्मत नहीं हारी और मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग में शहजाद को ढेर कर दिया।
गोलियों से छलनी, फिर अस्पताल में खत्म हुई कहानी
मुठभेड़ में बुरी तरह घायल शहजाद को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने काफी कोशिश की, लेकिन आखिरकार उसकी सांसें थम गईं। इस तरह एक लाख के इनामी और अपराध की दुनिया के बड़े नाम का अंत हो गया।
44 केसों वाला आतंक, आखिरकार खत्म
शहजाद कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं था—उस पर हत्या, लूट, रंगदारी समेत 44 से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज थे। इलाके में उसका ऐसा खौफ था कि लोग नाम सुनते ही सहम जाते थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी और यह मुठभेड़ उसके आतंक का आखिरी अध्याय बन गई।
“योगी राज” का असर"
अब अपराधियों के लिए सिर्फ दो रास्ते
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त नीति का असर साफ दिख रहा है। यूपी पुलिस अब सीधे संदेश दे रही है—
या तो कानून के आगे झुको…
या फिर गोलियों का जवाब गोलियों से मिलेगा!
इलाके में राहत, अपराधियों में खौफ
इस एनकाउंटर के बाद जहां पूरे इलाके में राहत का माहौल है, वहीं अपराधियों में दहशत साफ देखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि ऐसे ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे और किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। रिपोर्ट - गुलवेज़ आलम कैराना
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