मैं अपने समस्त पुलिस भाइयों से निवेदन करता हूँ ,कि इस कोरोना महामारी में यदि कोई गरीब मजबूर आदमी बिना मास्क, या बिना कागज के मोटरसाइकिल लेकर रोड पर मिल जाये ,तो तुरंत उसका चालान काटने,उसे डाटने या मारने के बजाय सबसे पहले आप उसकी मजबूरी जानने की कोशिश करिए,और ये सोचिये की यदि आज हमारे पास सरकारी नौकरी न होती, और हम बेरोजगार होते, और पुलिस के सामने खड़े होते, तो पुलिस से किस सहायता की उम्मीद करते, उसी सहायता की उम्मीद उन मजबूर व्यक्तियों को आज आप से है ,इसलिए आप उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानकर उनके साथ सहूलियत बरतिए।
क्योकि इस समय सरकारी नौकरी वालों या अमीर व्यक्तियों की ही गाड़ी थोडी लाइन पर है,और गरीबों का क्या हाल है ? हमसे आप से बेहतर कोई नही जान सकता है ।
हमे पूर्ण विश्वास है कि आप लोग हमारी इस प्रार्थना को स्वीकार करेंगें।
,,,,,,आईये हम सब पुलिस के जवान इस महामारी के समय में जनता कि सेवा का प्रण करे !! जब पुरी दुनिया में रोजगार खत्म हो गये है वहां आज पुलिस कि नौकरी हमारे लिए ईश्वरीय वरदान से कम से नहीं है,,! ईश्वर के आशीर्वाद को मानवता कि सेवा में लगाने का हम प्रयास करें ,,!
सादर प्रणाम🙏🙏
**एक दीवान की कलम से**

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