Advertisement


 


सामान्य जन के मानव अधिकारों की करें रक्षा - जस्टिस एस के मित्तल

पुलिस अकादमी में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस


10 दिसम्बर 2022 मधुबन : मानव अधिकारों के प्रति पुलिसकर्मियों में जागरूकता के लिए अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के अवसर पर हरियाणा पुलिस अकादमी के हर्षवर्धन सभागार में राज्य स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित हुई। इस अवसर पर हरियाणा मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस श्री एसके मित्तल मुख्य अतिथि तथा एनएचआरसी में स्पेशल मॉनीटर व पूर्व पुलिस अधिकारी सुधीर चौधरी विशिष्ट अतिथि रहे। 



 वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रदेश की विभिन्न पुलिस इकाईयों से आए प्रतिभागियों ने पक्ष व विपक्ष में अपने-अपने विचार रखे। यह प्रतियोगिता हरियाणा पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल के निर्देश पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग व हरियाणा मानव अधिकार आयोग के सहयोग से आयोजित की गई। एचएचआरसी के सदस्य दीप भाटिया तथा एमडीयू, रोहतक  में प्रोफेसर डॉ शालिनी सिंह निर्णायक मण्डल की सदस्य रहीं।  इस अवसर पर एचएचआरसी के रजिस्ट्रार कुलदीप जैन भी उपस्थित रहे।





जस्टिस मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस को सामान्य जन के मानव अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। सामान्य जन के साथ अच्छा व्यवहार पुलिस की छवि को और अधिक अच्छा बनाएगा। उन्होंने कहा कि सामान्य जन व गंभीर अपराधियों के साथ व्यवहार को बराबर नहीं किया जा सकता। अपराधियों के खिलाफ कानूनी दायरे में पुलिस को सख्ती करनी चाहिए जबकि सामान्य जन के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चाई के साथ काम करने वालों को आयोगों और न्यायपालिका से घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि ये संस्थाएं बहुत विचार के बाद सच्चाई के हित में निर्णय लेती है। सच्चाई की हमेशा जीत होती है। उन्होंने कहा कि आयोगों और न्यायपालिका पर विश्वास रखें और निडरता के साथ कर्तव्यपालन करें। 





विशिष्ट अतिथि व निर्णायक मण्डल के अध्यक्ष सुधीर चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि मानव अधिकारों की पालना करने से पुलिसिंग बेहतर होती है। हरियाणा पुलिस ने हमेशा मानव अधिकारों के सरंक्षण को बढ़ावा दिया है।



 हरियाणा पुलिस गंभीरता के साथ राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों की पालना करती रही है। उन्होंने कहा कि वें मानव अधिकार हितैषी हरियाणा पुलिस का सदस्य रहे हैं और उन्हें इस पर गर्व है। उन्होंने निर्णायक मण्डल के अध्यक्ष के रूप में प्रतियोगिता में विजेताओं के नामों की घोषणा की। 




निर्णायक मण्डल के सदस्य दीप भाटिया ने कहा कि इस प्रकार का आयोजन मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता के लिए सुखद अनुभव है। हरियाणा मानव अधिकार आयोग, मानव अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए सत्त कार्य कर रहा है। आयोग, शिकायत पर विवेकपूर्ण निर्णय लेता है जिससे पुलिस व प्रशासन में सच्चाई के साथ कार्य करने वालों को प्रोत्साहन मिलता है।




निर्णायक मण्डल की सदस्या डॉ शालिनी सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि मानव अधिकारों का संरक्षण करने वाले व्यक्ति के व्यक्तित्व पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और उसमें मानवीय मूल्यों का विकास होता है। इसलिए हमें मानव अधिकारों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करना चाहिए।




प्रतियोगिता में रोहतक मण्डल की उप-निरीक्षक साक्षी ने प्रथम, उप-निरीक्षक किरण ने द्वितीय तथा हिसार मण्डल के प्रधान सिपाही संदीप कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 



अकादमी के पुलिस उप-महानिरीक्षक डॉ अरूण सिंह ने हरियाणा के डीजीपी पीके अग्रवाल, अकादमी के निदेशक डॉ सीएस राव की ओर से तथा अपनी ओर से मुख्य अतिथि, निर्णायक मण्डल तथा अतिथिगण स्वागत किया।



 अकादमी की जिला उप-न्यायवादी अनिता रानी ने निर्णायक मण्डल का परिचय कराया। पुलिस उप-अधीक्षक अरविंद ने धन्यवाद संबोधन प्रस्तुत किया। जिला प्रशासन की ओर से जिला बागवानी अधिकारी डॉ मदन लाल ने भी प्रोटोकॉल के अनुसार मुख्य अतिथि का स्वागत किया।

सलाम खाकी न्यूज़ फतेहाबाद से

 ब्यूरो चीफ़

 उजागर सिंह की रिपोर्ट 

 

 

No comments:

Post a Comment